उत्तराखंड के सरकारी चिकित्सकों की लंबित मांगों पर शासन की चुप्पी, बढ़ा असंतोष…

राज्य के सरकारी डॉक्टर लंबे समय से एसडीएसीपी,पदोन्नति और दुर्गम क्षेत्र भत्ता जैसी मांगों को लेकर शासन से उम्मीद लगाए बैठे हैं, लेकिन अब तक नतीजा सिफर रहा है। प्रांतीय चिकित्सा स्वास्थ्य सेवा संघ का कहना है कि लगातार अनदेखी से चिकित्सक वर्ग का मनोबल गिर रहा है और उनमें असंतोष तेजी से बढ़ रहा है।
प्रांतीय अध्यक्ष डा मनोज वर्मा ने बताया कि एसडीएसीपी का लाभ लंबे समय से लंबित है। शासन स्तर पर कई दौर की चर्चाओं और आश्वासनों के बावजूद आदेश जारी नहीं हुए। इसी तरह डीपीसी (विभागीय पदोन्नति समिति) की बैठक भी नहीं हुई, जिससे डॉक्टर पदोन्नति से वंचित हैं।
कहा कि विशेषज्ञ चिकित्सकों को 50 फीसदी अतिरिक्त भत्ता देने का मुद्दा भी बार-बार टल रहा है। विशेषकर वे डॉक्टर जो दूरस्थ और दुर्गम इलाकों में कार्यरत हैं, उन्हें यह प्रोत्साहन मिलना चाहिए, लेकिन शासन स्तर पर इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसके अलावा, सुगम–दुर्गम क्षेत्रों के श्रेणीकरण का मुद्दा भी अधर में लटका हुआ है।
डॉक्टर प्रतीक्षा कर रहे हैं कि इस पर कोई स्पष्ट निर्णय आए, मगर अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं।संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही लंबित मांगों पर ठोस फैसला नहीं लिया गया तो चिकित्सक वर्ग आंदोलन का रास्ता अपनाने को बाध्य होगा।