अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले के बाद डॉलर में आई कमजोरी से आज भारतीय रुपया 11 पैसे सुधरकर 95.17 के स्तर पर पहुंचा.
मुंबई: अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतिगत घोषणा के बाद आज घरेलू मुद्रा बाजार में भारतीय रुपये में तेजी देखने को मिली है. शुरुआती कारोबार में भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 11 पैसे मजबूत होकर 95.17 के स्तर पर पहुंच गया. अमेरिकी केंद्रीय बैंक के फैसले से वैश्विक बाजार में डॉलर पर थोड़ा दबाव बना है, जिससे रुपये समेत अन्य उभरते बाजारों की मुद्राओं को सपोर्ट मिला.
पॉलिसी का बाजार पर असर
अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने अपनी बैठक में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है और इसे उम्मीद के मुताबिक 3.75% से 4.00% की सीमा पर बरकरार रखा है. इस फैसले के बाद विदेशी मुद्रा व्यापारियों का कहना है कि मार्केट में डॉलर को लेकर रुख थोड़ा नकारात्मक हुआ, जिसका सीधा फायदा भारतीय रुपये को मिला.
इंटरबैंक फॉरेक्स मार्केट में आज रुपया 95.20 पर खुला था. इसके बाद इसने और मजबूती दिखाई और बुधवार के बंद स्तर 95.28 के मुकाबले 11 पैसे की बढ़त दर्ज करते हुए 95.17 के स्तर को छू लिया.
क्रूड ऑयल और अमेरिकी यील्ड की चुनौती
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, रुपये के सामने अभी भी कुछ चुनौतियां बनी हुई हैं. कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में मजबूती रुपये की रफ्तार पर थोड़ा ब्रेक लगा सकती हैं. फिलहाल अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 1.03 फीसदी की गिरावट के साथ 114.13 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है. वहीं, डॉलर की मजबूती को मापने वाला डॉलर इंडेक्स भी 0.04% गिरकर 102.15 के स्तर पर आ गया है.
आरबीआई का बैकअप और घरेलू बाजार में रौनक
जानकारों का मानना है कि भारत का लगभग 721 अरब डॉलर का मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार, बाजार में पोर्टफोलियो निवेश में सुधार और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की सक्रिय मौजूदगी रुपये को किसी भी बड़ी गिरावट से बचा रही है. कोटक निओ के कमोडिटी एंड करेंसी रिसर्च हेड अनिंद्य बनर्जी के मुताबिक, आने वाले दिनों में USD-INR में एक सीमित दायरे में ही उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा, किसी बड़ी उथल-पुथल की आशंका नहीं है.
इस बीच, फेड के फैसले का असर घरेलू शेयर बाजार पर भी दिखा. आज सुबह बीएसई सेंसेक्स 163 अंक चढ़कर 73,409.06 पर और एनएसई निफ्टी 40 अंक की बढ़त के साथ 22,739.25 पर कारोबार करता देखा गया. एक्सचेंज डेटा के अनुसार, बुधवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने बाजार में 871.83 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की.